‘एक पाती अलवर के नाम’ | 27.04.2026

27/04/2026

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आज शाम पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। पश्चिम बंगाल में व्यस्तता के कारण पिछले माह अलवर आने में असमर्थ रहा हूँ, लेकिन इस पूरे समय में भी क्षेत्र के विकास कार्यों को पूरी गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहा हूँ।

हर सोमवार को यह पाती आपको विकास के साक्ष्य भी देती रही है।

पिछले कुछ समय से अलवर से लगातार आती एक खबर मेरे लिए विशेष आनंद का स्रोत बन गई है। इस खबर का संबंध सीधे सरिस्का से है।

एक समय था जब सरिस्का में शायद ही किसी पर्यटक को बाघ दिखता था, इस कारण वहाँ बहुत लोग जाना पसंद नहीं करते थे। लेकिन बाघ संरक्षण के हमारे प्रयासों से सरिस्का में पहले के मुकाबले ज्यादा पर्यटक बाघ देख पा रहे हैं। उनमें से बहुत से लोग मुझसे बाघों की फोटो और वीडियो साझा भी कर रहे हैं। हाल ही में कई लोगों ने S19 और उसके चार शावकों की फोटो और वीडियो भेजीं।

जंगल में बाघ देखना एक रोमांचकारी अनुभव है। आप अपने इस रोमांच को मेरे साथ साझा कर रहे हैं, इसके लिए आप सभी का आभारी हूँ। लेकिन टाइगर सफारी सिर्फ रोमांच मात्र नहीं है। सफारी से होने वाली आय का उपयोग 

वन्यजीव संरक्षण, एंटी-पोचिंग (शिकार रोकने) और निगरानी में किया जाता है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक टाइगर संरक्षण के महत्व को समझते हैं, जिससे व्यापक स्तर पर समर्थन मिलता है। बढ़ते पर्यटन के कारण वन विभाग की मौजूदगी और निगरानी बढ़ती है, जिससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगती है। नियंत्रित और जिम्मेदार पर्यटन से प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहते हुए संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

वर्ष 2021-22 में जहाँ लगभग 51,255 पर्यटक सरिस्का आए, वहीं 2025-26 में 97,023 से ज्यादा पर्यटकों ने सरिस्का में सफारी की। इस अवधि में ही विदेश से आए पर्यटकों की संख्या 358 से बढ़कर 5,321 हो गई है। मात्र सरिस्का में टिकट की आय से इस वृद्धि का असर देखें तो यह ₹62 लाख से बढ़कर ₹1.28 करोड़ हो चुकी है।

मैं इस उपलब्धि से खुश हूँ, लेकिन मैं इसे सिर्फ एक शुरुआत मानता हूँ। सरिस्का और सरिस्का के बाघों की कीर्ति और बढ़े, इसके लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में हम सरिस्का में ₹3 करोड़ की लागत से एक इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने जा रहे हैं। यह केंद्र पर्यटकों को सरिस्का की समृद्ध जैव विविधता, बाघ संरक्षण के प्रयासों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के बारे में आधुनिक तकनीक के माध्यम से जानकारी देगा। यहाँ डिजिटल डिस्प्ले, ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतियों और इंटरएक्टिव गैलरियों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही, यह केंद्र पर्यावरण शिक्षा, शोध और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे संरक्षण प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

बीते सप्ताह रामगढ़ क्षेत्र में जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को स्वीकृति मिली है। इनमें ₹2 करोड़ की लागत से सभी स्तरों में 200 मिमी व्यास के ट्यूबवेलों का निर्माण, सबमर्सिबल पंप सेटों की आपूर्ति एवं स्थापना तथा अन्य संबंधित कार्य, ₹1 करोड़ की लागत से रामगढ़, थानागाजी और प्रतापगढ़ उपखंडों में पाइपलाइनों की आपूर्ति, बिछाने, जोड़ने, परीक्षण एवं संचालन के कार्य और ₹1.20 करोड़ की लागत से 125 मिमी व्यास के हैंडपंप सेटों की स्थापना, प्लेटफॉर्म का निर्माण और रिचार्ज संरचना के कार्य सम्मिलित हैं।

बीते सप्ताह एक और वादे को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। हमने सरस डेयरी के माध्यम से दुग्ध उद्योग से जुड़े भाइयों-बहनों की आय बढ़ाने और जनता को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में, सरस डेयरी ने अलवर में 38 स्थानों पर शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली आइसक्रीम की उपलब्धता शुरू कर दी है।

यह पहल न केवल स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाज़ार और उचित मूल्य दिलाने में सहायक होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी विश्वसनीय और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद सुलभ कराएगी। आने वाले समय में हम इस पहल का विस्तार करते हुए और अधिक स्थानों तक इसकी पहुँच सुनिश्चित करेंगे, साथ ही नए उत्पादों को भी शामिल करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि दुग्ध उद्योग को सशक्त बनाते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जाए और हर परिवार तक गुणवत्ता का भरोसा पहुँचे।

चुनाव में पार्टी द्वारा दिए गए कर्तव्यों का निर्वहन कर मैं भी आपके बीच शीघ्र उपस्थित होने का भरोसा दिलाता हूँ।

आपका अपना

भूपेंद्र यादव