‘एक पाती अलवर के नाम’ | 25.05.2026

25/05/2026

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आज सुबह आप सबके बीच मीन भगवान मंदिर में ईश्वर का आशीर्वाद लेकर लौटा हूँ। अपनी भव्यता और गहरी धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध यह पवित्र धाम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। हमारी संस्कृति और परंपराएँ ही भारत की आत्मा हैं, और ऐसे धार्मिक स्थल समाज को आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक एकता से जोड़ने का कार्य करते हैं। मैं प्रार्थना करता हूँ मीन भगवान का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।

ईश्वर की कृपा और सभी के सहयोग से अलवर में विकास कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। इन कार्यों को और अधिक गति देने के लिए विगत सप्ताह मैंने जयपुर में कुछ महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की। प्रमुख रूप से इन बैठकों में अलवर में जलापूर्ति और सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के विषयों पर चर्चा हुई।

अलवर में जलापूर्ति सुनिश्चित करना मेरी प्राथमिकताओं में है। 10 मई को अलवर के मिनी सचिवालय में मुख्य सचिव की उपस्थिति में आयोजित बैठक में भी यह विषय आया था और यह निश्चय किया गया था कि अलवर लोकसभा क्षेत्र में 'रामजल सेतु लिंक परियोजना' का क्रियान्वयन त्वरित गति से किया जाएगा।

23 मई को राजस्थान सरकार के जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलवर लोकसभा क्षेत्र में 'रामजल सेतु लिंक परियोजना' के विभिन्न घटकों को लेकर हमने विस्तृत चर्चा की। बैठक में अलवर एवं नीमराना क्षेत्र में कृत्रिम जलाशयों के विकास तथा खुर्रा चैनपुरा से जैसमंद नहर प्रणाली तक प्रस्तावित जल हस्तांतरण पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। हमने क्षेत्र में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने पर मिलकर समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्णय लिया।

जयपुर में ही हमने अलवर के जनप्रतिनिधियों तथा राजस्थान सरकार के अधिकारियों के साथ लोकसभा क्षेत्र की प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की जिनमें नीमराना–भिवाड़ी लिंक रोड, अलवर–बहरोड़ फोरलेनिंग DPR, सरिस्का एलिवेटेड रोड के साथ बजट घोषणाओं से संबंधित परियोजनाएँ, CRIF सड़क परियोजनाएँ और NHAI की सड़क परियोजनाएँ शामिल हैं।

मुझे आपको यह बताते हुए बहुत संतोष की अनुभूति हो रही है कि बीते सप्ताह कुशलगढ़ से थानागाजी के बीच भर्तृहरि पुलिया के लिए ₹5 करोड़ की स्वीकृति मिल गई है और अब इस महत्वपूर्ण परियोजना पर जल्द कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा।

इस पुलिया के निर्माण से श्रद्धालुओं को भर्तृहरि धाम तक पहुँचने में बड़ी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से बरसात के मौसम में आवागमन में आने वाली कठिनाइयाँ कम होंगी और धाम तक यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुचारु बन सकेगी।

भर्तृहरि धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और वहाँ आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है।

भारतीय रेलवे द्वारा वर्ष 2030 तक सभी मानवयुक्त एवं मानव रहित रेलवे फाटकों को समाप्त कर रोड अंडर ब्रिज (RUB) एवं रोड ओवर ब्रिज (ROB) के माध्यम से रेलवे नेटवर्क को पूर्णतः गेट-फ्री बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अंतर्गत, मालाखेड़ा में एक और रेलवे क्रॉसिंग को ROB में उन्नत किया गया है। इस परियोजना के लिए ₹70 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

ROB के निर्माण से आवागमन में समय की बचत होगी, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।

यह परियोजना अलवर क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आप जानते हैं कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए हम निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

इस सप्ताह हम अलवर सांसद खेल उत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले समर ट्रेनिंग कैंप का भी शुभारंभ करेंगे, जहाँ अलवर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को एक साथ रहकर श्रेष्ठ कोचों से सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, अन्य खिलाड़ियों के साथ खेल भावना और सौहार्दपूर्ण जीवन के मूल्य सीखने का भी अवसर प्राप्त होगा।

पिछले वर्ष इस कैंप में शामिल हुए बच्चों को अपने खेल को निखारने और बेहतर प्रदर्शन करने में काफी मदद मिली। मुझे आशा है कि इस वर्ष भी यह कैंप खिलाड़ियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

बीते वर्ष की तरह इस बार भी खेल जगत के कई बड़े नाम इस कैंप में शिरकत कर युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे तथा अपनी सफलता के राज भी साझा करेंगे।

मैं खुद इन बच्चों से इस कैंप में मिलने के लिए आतुर हूँ।

आपका अपना

 

भूपेंद्र यादव