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कल अलवर में आप सभी के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का अवसर मिला। सुबह-सुबह इतनी बड़ी संख्या में आप सभी योग के माध्यम से 'स्व से समष्टि' की इस यात्रा में जिस उत्साह से जुड़े वह गर्व का विषय है। योग ने हमारी जीवन पद्धति में स्थान बनाकर वैश्विक पहचान बनायी। दुनिया के करोड़ों लोग इसे स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपना रहे हैं, और अलवर ने कल, यानी 21 जून, को आगे आकर जिस उमंग से कार्यक्रम में भाग लिया, योग के प्रति अपना विश्वास और सम्मान व्यक्त किया उसका मैं अभिनन्दन करता हूँ।
एक पाती के माध्यम से मैं आपके साथ सप्ताह भर के विकास कार्यों की जानकारी साझा करता हूँ। आज की पाती में मैं उन विकास कार्यों की चर्चा तो करूँगा, लेकिन सबसे पहले आपके साथ एक ऐसी बात साझा करना चाहता हूँ जिसने कल मेरे हृदय को गहराई से छू लिया।
जैसा कि आपमें से कई लोगों को ज्ञात है, कल मैं अलवर ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन के लिए पहुँचा था। वहाँ क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) की कुछ बहनों ने पत्रों के माध्यम से मुझे CLF भवनों के निर्माण के लिए धन्यवाद दिया।
मेरा मानना है कि आपका भाई और बेटा होने के नाते यह कार्य मेरा उत्तरदायित्व है, इसलिए इसके लिए मुझे धन्यवाद नहीं मिलना चाहिए। यदि मुझे कुछ मिलना चाहिए, तो वह मेरी माताओं और बहनों का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास है, जिससे मैं निरंतर आपके लिए समर्पित भाव से कार्य करता रहूँ। पत्र में आपने कहा आप चाहेंगी मैं सदैव आपके साथ ऐसे ही खड़ा रहूँ तथा सरकारी योजनाओं का लाभ आप तक यूँ ही पहुँचता रहे। मेरा आपसे वादा है मैं यह सुनिश्चित करता रहूँगा कि आप तक आपके लिए बनी हर योजना का लाभ पहुँचता रहे और आपका जीवन समृद्धि और खुशहाली से भरा रहें।
महिलाओं की हर क्षेत्र में समान और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना केवल उनका अधिकार ही नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता भी है। यह सुविधा महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में ऐसे शौचालय महिलाओं की सुविधा और आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करते हैं।
आपको यह जानकर खुशी होगी कि कल अलवर ग्रामीण के नटनी का बारा से जयसमंद बांध तक नहर पक्कीकरण कार्य का शिलान्यास कर दिया गया।
यह कार्य क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इस कार्य को ₹34.09 करोड़ की लागत से पूरा किया जायेगा। नहर के पक्कीकरण से पानी की बर्बादी में कमी आएगी, सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और दूर-दराज के खेतों तक भी पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने से कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की लागत घटेगी तथा उनकी आय में वृद्धि के नए अवसर पैदा होंगे। हमारी सरकार का संकल्प है कि गाँव, गरीब और किसान के जीवन को बेहतर बनाने वाले विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए, और यह परियोजना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बीते सप्ताह एसएच-29ए पर टहला–दबकन–मंडावास–राजौरगढ़–कांसला–मथरावट–कन्यावास मार्ग से कांकवाड़ी सड़क तक सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति मिल गई। इस कार्य को लगभग ₹6.87 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
कल मैंने अलवर में भाखेड़ा एनिकट का उद्घाटन भी किया है जो ₹5 करोड़ की लागत से बनाया गया है। एनिकट वर्षा जल के संरक्षण और भूजल रिचार्ज का प्रभावी माध्यम हैं। इनके निर्माण से बारिश का पानी लंबे समय तक क्षेत्र में रुकता है, जिससे भूजल स्तर में सुधार होता है और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो पाता है। भाखेड़ा का यह एनिकट जल संरक्षण के साथ-साथ सिंचाई विकास व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा।
महिलाओं की हर क्षेत्र में समान और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना केवल उनका अधिकार ही नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता भी है। इस भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। इसी क्रम में कल अलवर के कम्पनी बाग में एक पिंक टॉयलेट का उद्घाटन भी महिलाओं द्वारा किया गया। यह पिंक टॉयलेट ₹21 लाख की लागत से बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जेल परिसर में ₹21.24 लाख की लागत से और रामलीला ग्राउंड, शिवाजी पार्क सार्वजनिक शौचालय में लगभग ₹34 लाख की लागत से बनाये गए पिंक टॉयलेट्स का उद्घाटन भी हुआ।
यह सुविधा महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में ऐसे शौचालय महिलाओं की सुविधा और आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करते हैं।
योग से स्वस्थ जीवन, जल संरक्षण से सुरक्षित भविष्य, महिला सम्मान से सशक्त समाज और CLF की बहनों के प्रोत्साहन से आत्मनिर्भर गाँवों का निर्माण—ये चारों हमारे विकास के ऐसे स्तंभ हैं, जो एक समृद्ध और विकसित अलवर की नींव रख रहे हैं।
आपका अपना
भूपेंद्र यादव