‘एक पाती अलवर के नाम’ | 26.10.2026

26/10/2026

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आप सभी को राम-राम ! इस सप्ताह की यह पाती मैं आपको आर्मेनिया की राजधानी येरेवन से लिख रहा हूँ, जहाँ मैं जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (Convention on Biological Diversity) के सम्मेलन की सत्रहवीं बैठक (COP-17) में भारत का प्रतिनिधित्व करने आया हूँ।

यह सम्मेलन केवल एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं, बल्कि हमारी पृथ्वी के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जैव विविधता यानी हमारे वन, वन्यजीव, नदियाँ, पर्वत और संपूर्ण प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र मानव जीवन के आधार हैं। इनका संरक्षण केवल पर्यावरण की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, आजीविका और सतत विकास के लिए भी बेहद ज़रूरी है।

भारत, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, प्रकृति के संरक्षण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन प्रयासों को साझा करना और वैश्विक सहयोग को मजबूत करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मेरे लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण के ये वैश्विक संकल्प हमारे अपने अलवर से भी गहराई से जुड़े हैं, हमारे सरिस्का के जंगलों, अरावली की पहाड़ियों, वन्यजीवों और उस प्राकृतिक विरासत से, जिसे हमें अगली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।

देश और दुनिया के स्तर पर होने वाले ऐसे प्रयासों का वास्तविक महत्व तभी है, जब उनका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय स्तर पर भी दिखाई दे। इसी भावना के साथ, दूर आर्मेनिया से भी मेरा मन और विचार सदैव अलवर की उन्नति और यहाँ के लोगों के कल्याण के साथ जुड़े हुए हैं।

येरेवन में रहते हुए भी मेरे मन में अलवर के विकास और यहाँ की प्रगति से जुड़े विचार निरंतर चलते रहते हैं। आज मुझे आप सभी के साथ बीते सप्ताह अलवर लोकसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और जनहित में किए गए प्रयासों को साझा करते हुए प्रसन्नता हो रही है।

मुझे आपको यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि भिवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र में भूमिगत सुविधाओं एवं बुनियादी ढाँचे की स्थिति का आकलन करने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) तकनीक से सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस कार्य के लिए ₹1 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन, केबल और अन्य भूमिगत संरचनाओं की स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। इससे शहरी नियोजन को अधिक व्यवस्थित बनाने, विकास कार्यों के दौरान आने वाली बाधाओं को कम करने और बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव में सहायता मिलेगी।

मेरा प्रयास है कि भिवाड़ी का विकास आधुनिक तकनीक, बेहतर नियोजन और नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़े, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर शहरी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

इसी क्रम में, भिवाड़ी में बीडा (तत्कालीन यूआईटी) द्वारा विकसित बस स्टैंड एवं सेक्टर-3 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर में भवनों की मरम्मत, पार्कों के विकास और बाहरी मरम्मत के कार्यों के लिए ₹7.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

इन कार्यों से सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव, आवासीय परिसर के सुधार और पार्कों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि भिवाड़ी में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध हों।

आप सभी जानते हैं कि अलवर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर विकास न्यास द्वारा बाला किला के विकास कार्य के लिए ₹2 करोड़ की राशि के कार्यादेश जारी किए गए हैं। इस कार्य को आगामी 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

बाला किला अलवर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके विकास से हमारी विरासत को संरक्षित करने, पर्यटकों के लिए सुविधाएँ बेहतर बनाने और अलवर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि अलवर की ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान मिले और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिले ।

मेरा विश्वास है कि विकास केवल नई परियोजनाओं की शुरुआत तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन और जनसामान्य तक उनका लाभ पहुँचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आप सभी के सहयोग, विश्वास और सहभागिता से हम अलवर को विकास, विरासत और बेहतर सुविधाओं के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

आपका विश्वास ही मेरी प्रेरणा है और अलवर की उन्नति ही मेरा ध्येय ।

 

आपका अपना

भूपेंद्र यादव